Short Essay On Labour Day In Hindi

अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस (मई दिवस)

आधिकारिक नाम: अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस को अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस और मई दिवस के नाम से भी जाना जाता है जो अंतरराष्ट्रीय श्रमिक संघ को प्रचारित और बढ़ावा देने के लिये अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है। इसे पूरे विश्व भर में 1 मई को मनाया जाता है जो यूरोप में पारंपरिक गर्मी के अवकाश के रुप में घोषित किया गया है।

इसे दुनिया के लगभग 80 देशों में राष्ट्रीय अवकाश के रुप में भी घोषित किया गया है जबकि बहुत सारे देशों में इसे अनाधिकारिक तौर पर मनाया जाता है। ये यूएस और कैनेडा है, विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों की महान उपलब्धियों को मनाने के लिये वार्षिक अवकाश के रुप में सितंबर महीने के पहले सोमवार को इसे (श्रमिक दिवस) मनाया जाता है।

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस 2018

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस 2018 पूरे विश्व के लोगों द्वारा (सामाजवादी और श्रमिक यूनियन) 1 मई, मंगलवार को मनाया जायेगा।

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस का इतिहास और उत्पत्ति

अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस विश्व स्तर का एक बड़ा उत्सव है और इसे 4 मई 1886 के दिन को याद करने के लिये मनाया जाता है, शिकागो में हेयरमार्केट घटना (हेयरमार्केट हत्याकाण्ड)। ये उस वर्ष का एक बड़ा कार्यक्रम था जब मज़दूर अपने आठ घंटे के कार्य-दिवस के लिये आम हड़ताल पर थे और पुलिस आम लोगों को भीड़ से तितर-बितर करने का अपना कार्य कर रही थी। अचानक से, एक अनजाने व्यक्ति के द्वारा भीड़ पर एक बम फेंका गया और पुलिस ने गोली चलाना शुरु कर दिया जिसमें चार प्रदर्शनकारी मारे गये।

यहाँ कार्यक्रम के बारे में वास्तविक वक्तव्य है: “भरोसेमंद गवाहों ने बयान दिया है कि सड़क के बीच से सभी बंदूकों की चमक आयी है, जहाँ पुलिस खड़ी थी, और भीड़ से कोई नहीं था। इसके अलावा, प्रारंभिक अखबार की रिपोर्ट ने आम नागरिकों के द्वारा गोली चलाने की कोई बात वर्णित नहीं की है। घटनास्थल पर एक तार का खंभा गोलियों के छेद से भरा पड़ा था, सभी पुलिस की दिशा की ओर से आ रहे थे।”

रेमण्ड लेविग्ने के द्वारा एक प्रस्ताव के माध्यम से पेरिस के मीटिंग में (1889 में) मई दिवस के रुप में वार्षिक आधार पर इसे मनाने का फैसला किया गया कि श़िकागों विद्रोह के वर्षगाँठ को मनाने के लिये अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन की जरुरत है। वर्ष 1891 में, वार्षिक कार्यक्रम के रुप में मनाने के लिये दूसरे अंतरराष्ट्रीय काँग्रेस के द्वारा मई दिवस को आधिकारिक स्वीकृति मिली थी।

हालाँकि, मई दिवस दंगा वर्ष 1894 में और फिर 1904 में हुआ, एम्सटर्डम के अंतरराष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन में निम्नलिखित वक्तव्य दिया गया “आठ घंटे के दिन के कानूनी स्थापना के लिये पहली मई को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शन के लिये सभी देशों के सभी समाजिक लोकतांत्रिक पार्टी संगठन और व्यापार यूनियनों, मजदूर वर्ग के श्रेणीबद्ध माँग के लिये, और वैश्विक शांति के लिये, और पहली मई को काम रोकने के लिये सभी देशों के मजदूर संगठनों के ऊपर बाध्यकारी है, इसे घोषित किया गया।”

मई दिवस क्यों मनाया जाता है?

आठ घंटे के कार्-दिवस की जरुरत को बढ़ावा देने के लिये साथ ही संघर्ष को खत्म करने के लिये अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस या मई दिवस मनाया जाता है। पूर्व में मजदूरों की कार्य करने की स्थिति बहुत ही कष्टदायक थी और असुरक्षित परिस्थिति में भी 10 से 16 घंटे की कार्य-दिवस था। 1860 के दशक के दौरान मजदूरों के लिये कार्यस्थल पर मृत्यु, चोट लगना और दूसरी डरावनी परिस्थिति बेहद आम बात थी और पूरे कार्य-दिवस के दौरान काम करने वाले लोग बहुत क्षुब्ध थे जबतक कि आठ घंटे का कार्य-दिवस घोषित नहीं कर दिया गया।

बहुत सारे उद्योगों में श्रमिक वर्ग लोग (पुरुष, महिला और बच्चे) की बढ़ती मृत्यु, उद्योगों में उनके काम करने के घंटे को घटाने के द्वारा कार्यकारी दल के लोगों की सुरक्षा के लिये आवाज उठाने की जरुरत थी। मजदूरों और समाजवादियों के द्वारा बहुत सारे प्रयासों के बाद, मजदूरों की अमेरिकन संघ के द्वारा 1884 में श़िकागो के राष्ट्रीय सम्मेलन में मजदूरों के लिये वैधानिक समय के रुप में आठ घंटे को घोषित किया गया।

 

हेयमार्केट हत्याकाण्ड के दौरान बहुत सारे लोगों ने अपने जीवन का बलिदान किया था जो मजदूरों की हड़ताल के दौरान श़िकागो में हुआ था। कार्यकारी समूह के लोगों की समाजिक और आर्थिक उपलब्धियों को बढ़ावा देने के लिये साथ ही हेयमार्केट नरसंहार की घटना को याद करने के लिये मई दिवस मनाया जाता है।

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस कैसे मनाया जाता है

मजदूरों की उपलब्धियों को मनाने के लिये पूरे विश्व भर में एक आधिकारिक अवकाश के रुप में वार्षिक तौर पर अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस मनाया जाता है। बड़ी पार्टी और ढ़ेर सारे कार्यक्रमों का प्रबंधन करने के द्वारा लोग मई दिवस या मजदूर दिवस को खुशी से मनाते हैं। स्वतंत्रता दिवस उत्सव की तरह वो रंगों से बैनर और झंडों को सजाते हैं।

मजदूर दिवस के बारे में समाजिक जागरुकता बढ़ाने के लिये लोगों के बीच में मजदूर दिवस की बधाई कहने के साथ टीवी चैनल और रेडियो चैनल के द्वारा विभिन्न खबरों और संदेशों को फैलाया जाता है। इस दिन को मनाने के लिये अंतरराष्ट्रीय श्रमिक संगठन के द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते हैं। श्रमिक दिवस पार्टी उत्सव का थीम कोई भी कार्टून चरित्र, पश्चिमी संस्कृति शो, खेल, टीवी शो, फिल्म, अवकाश क्रिया-कलाप, पागल-पन से भरा मजाकिया क्रियाकलाप आदि होता है। दूसरे श्रमिक दिवस गतिविधियों में वर्ग-पहेली, शब्द बदलकर नया शब्द बनाने वाली पहेली, शब्द खोज पहेली, कोड क्रैकर पहेली, शब्द गड्डमड्ड पहेली, शब्द मिलाना खेल पहेली आदि शामिल है।

ये उत्सव पूरे विश्व भर में एक ऐतिहासिक महत्व रखता है और पूरे विश्व भर में लेबर यूनियन के द्वारा मनाया जाता है। हिंसा को रोकने के लिये सुरक्षा प्रबंधन के तहत कार्यकारी समूह के द्वारा विभिन्न प्रकार के प्रदर्शन, भाषण, विद्रोह जुलूस, रैली और परेड आयोजित किये जाते हैं।

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस का थीम

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के सदस्यों के द्वारा अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस का थीम बनाया जाता है।

नीचे ऐसे ही कुछ थीम दिये गये हैं:

  • अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस 2016 का थीम है "अंतरराष्ट्रीय श्रम आंदोलन मनाना"।
  • अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस 2013 का थीम था “शुरुआती पूँजी सहायता के साथ बेरोज़गार को उपलब्ध कराने के द्वारा कार्य को महत्व दिया जाये।”
  • अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस 2012 का थीम था “दूरदर्शी व्यवसायी को मदद के द्वारा रोजगार को बढ़ावा देना।”

 

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर कथन

  • “करारोपण की प्रवृति ने एक ऐसे वर्ग को उत्पन्न किया है जो मजदूरी नहीं करते, उससे लेना जो मजदूरी करते हैं उस मजदूरी का उत्पादन करने वाला, और इसको उसे देना जो मजदूर नहीं है।”- वीलियम कोबेट
  • “मेरे पिता के लिये शारीरिक श्रम न केवल खुद के लिये अच्छा और शालीन है बल्कि, उन्हें यह कहते हुया दिया गया कि ये किसी एक के विचार को मजबूत करता है।”- मैरी एलेन चेज़
  • “किसी कारोबार को इस देश में जारी रहने का अधिकार नहीं है जो अपने श्रमिकों को जीवन निर्वाह मजदूरी से भी कम मजदूरी पर रखता हो। जीवन निर्वाह मजदूरी से मेरा मतलब केवल निर्वाह स्तर से ज्यादा है-मेरा मतलब सम्माननीय निर्वाह की मजदूरी से है।”- फ्रैंकलीन डी रुज़वेल्ट
  • “समाज के आधार में मजदूर होते हैं। मानव प्रयास का वो उत्पाद मुझे दिखाओ जिसे बनाने में मजदूर की भागीदारी नहीं होती, और मैं आपको कुछ दिखाऊँगा कि समाज अच्छे से अनावश्यक बना सकता है।”- सैमुएल गोम्पर्स
  • “इंसानियत को ऊपर उठाने वाले सभी श्रमिकों की अपनी प्रतिष्ठा और महत्व है श्रमसाध्य उत्कृष्टता के साथ किया जाना चाहिए।”- मार्टिन लूथर किंग जूनियर
  • “निम्नस्तर का वेतन अकुशल श्रमिक का उत्पादक है, जो दुनिया को खत्म कर सकता है।”- हेनरी जार्ज
  • “अच्छे कार्य को करने में श्रमिक भी गर्व और खुशी चाहता है, कुछ सुंदर या उपयोगी करने या बनाने की एक समझ- भाई और बहन की तरह प्रतिष्ठा और सम्मान के साथ व्यवहार के लिये।”- थॉर्स्टेन वेबलिन
  • “पुरस्कार पाने से पहले मेहनत करनी पड़ती है। फसल काटने से पहले तुम पौधा लगाते हो। खुशी का फल प्राप्त करने से पहले तुम आँसू के बीज बोते हो।”-रैल्प रैन्सम
  • “दुनिया में लगभग सभी कष्ट का स्रोत कार्य है। लगभग कोई विपदा आप नाम से ध्यान देंगे कार्य के लिये डिज़ाइन एक दुनिया में जीने से या काम करने से आता है। दुख को रोकने के लिये, हमें काम रोकना पड़ेगा।”- बॉब ब्लैक
  • “मेहनत एकमात्र प्रार्थना है जिसका प्रकृति उत्तर देती है।”- रॉबर्ट ग्रीन इंगरसॉल
  • “अगर अमेरिका में सभी कार शुरु से अंत तक रखी जायें, ये संभवत: मजदूर दिवस अवकाश होगा।”-डॉग लार्सन
  • “मजदूर दिवस एक आनन्दमय अवकाश है क्योंकि अगले दिन स्कूल के लिये आपका बच्चा दुबारा जायेगा। इसे स्वतंत्रता दिवस कहा जायेगा, लेकिन वो नाम पहले से ही ले लिया गया था।”-बिल डॉड्स
  • “अंतरराष्ट्रीय एकजुटता उपकार का एक कार्य नहीं है: एक लक्ष्य की ओर अलग भू-भाग से लड़ाई कर रहे सहयोगियों के बीच ये एकता का कार्य है। उच्च स्तर की संभावना तक इंसानियत के विकास की सहायता के लिये मुख्य लक्ष्य है।”- समोरा मैकेल
  • “बिना श्रमिक के कुछ भी सफल नहीं है।”-सूफोक्लेस
  • “अगर कोई व्यक्ति आपसे कहे कि वो अमेरिका से प्यार करता है, फिर भी मजदूर से नफरत करता है, वो एक झूठा है। अगर कोई कहे कि वो अमेरिका पर भरोसा करता है, फिर भी मजदूर से डरता है, वो एक बेवकूफ है।”- अब्राहम लिंकन
  • “गैर-नौकरशाही, सहभागी, एकजुटता-चालित, गैर-व्यवसायिक, कलाकार होने का दिखावा करने वाला। इन सभी साफ दिखाई देने वाले गुण के साथ, आपको आश्चर्यचकित होना पड़ेगा कि क्यों इस तरह की व्यवस्था एक मजदूर दिवस अवकाश से अंतिम किसी लंबे समय तक के लिये प्रतीत नहीं हो सकता।”- ब्रूस स्टरलिंग
  • “मजदूर किसी का अनादर नहीं करते, दुर्भाग्यवश, आप अक्सर उस इंसान को पायेंगे जो श्रमिकों का निरादर करता है।”- यूलिसेस एस. ग्रांट
  • “जब लोग मुझसे पूछते हैं, क्यों मजदूरों को संयोजित नहीं किया जा सकता जैसे इसे तीसवें दशक में करते थे ? उत्तर बहुत ही आसान है: सबकुछ जो हम उस समय करते थे वो आज गैर-कानूनी है।”- थॉमस जियोघेगन
  • “श्रमिक पहला मूल्य है, वास्तविक क्रय मूल्य जो सभी वस्तुओं के लिये दिया गया है। ये सोने या चाँदी से नहीं बल्कि मजदूर से, जिससे दुनिया की सभी संपदा वास्तव में खरीदी गयी थी।”- एडम स्मिथ
  • “किसी भी देश में वर्ष के दूसरे अवकाश से सभी जरुरी में श्रमिक दिवस अलग होता है। पुरुष के ऊपर पुरुष की दिलेरी के विरोध और संघर्ष के साथ ज्यादा या कम सीमा में सभी दूसरे अवकाश जुड़े होते हैं, लालच और शक्ति के लिये शत्रुता और विरोध, एक राष्ट्र से दूसरे के ऊपर प्राप्त किया गया गौरव। मजदूर दिवस किसी पुरुष, जीवित या मृत्यु, किसी धर्म, नस्ल या राष्ट्र के लिये समर्पित नहीं है।”- सैमुअल जेमपर्स
  • “वास्तव में ये मजदूर है जो सभी चीजों में फर्क पैदा करता है।”- जॉन लोके
  • “श्रमिक पहले है, और स्वतंत्रता का, पूँजी। पूँजी मजदूर का एकमात्र फल है, और कभी नहीं अस्तित्व में रह सकता अगर मजदूर पहले विद्यमान नहीं होता था। श्रमिक पूँजी से श्रेष्ठ है, और अधिक आदर का अधिकार रखता है।”- अब्राहम लिंकन
  • “श्रमिक क्या चाहता है ? हम अधिक विद्यालय भवन चाहते है और कम जेल; ज्यादा किताबें और कम शस्त्रागार; ज्यादा सीखना और कम बुराई; अधिक अवकाश और कम लालच; अधिक न्याय और कम बदला; वास्तव में, हमारे बेहतर प्रकृति को बढ़ाने के लिये अधिक मौके।” सैमुएल गोमपर्स

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक संगठन

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक संगठन (आईएलओ) एक एजेंसी है जो संयुक्त राष्ट्र में उपस्थित है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रमिक मुद्दों को देखने के लिये स्थापित हुयी है। पूरे 193 (यूएन) सदस्य राज्य के इसमें लगभग 185 सदस्य हैं। विभिन्न वर्गों के बीच में शांति प्रचारित करने के लिये, मजदूरों के मुद्दों को देखने के लिये, राष्ट्र को विकसित बनाने के लिये, उन्हें तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिये वर्ष 1969 में इसे नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

मजदूर वर्ग के लोगों के लिये अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन की सभी शिकायतों को ये देखता है। इसके पास त्रिकोणिय संचालन संरचना है अर्थात् “सरकार, नियोक्ता और मजदूर का प्रतिनिधित्व करना (सामान्यतया 2:1:1 के अनुपात में)” सरकारी अंगों और सामाजिक सहयोगियों के बीच मुक्त और खुली चर्चा उत्पन्न करने के लिये, अंतरराष्ट्रीय श्रमिक कार्यालय के रुप में अंतरराष्ट्रीय श्रमिक संगठन सचिवालय कार्य करता है।

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक सम्मेलन, स्वीकार करना या कार्याक्रम आयोजित करना, मुख्य निदेशक को चुनना, मजदूरों के मामलों के बारे में सदस्य राज्य के साथ व्यवहार, अंतरराष्ट्रीय श्रमिक कार्यालय कार्यवाही की जिम्मेदारी के साथ ही जाँच कमीशन की नियुक्ती के बारे में योजना बनाने या फैसले लेने के लिये इसके संचालक संस्था को अधिकार है। इसके पास लगभग 28 सरकारी प्रतिनिधि हैं, 14 नियोक्ता प्रतिनिधि और 14 श्रमिकों के प्रतिनिधि हैं।

आम नीतियाँ बनाने के लिये, कार्यक्रम की योजना और बजट निर्धारित करने के लिये जून के महीने में जेनेवा में वार्षिक आधार पर ये एक अंतरराष्ट्रीय श्रमिक सभा आयोजित करता है (श्रमिकों की संसद के पास 4 प्रतिनिधि हैं, 2 सरकारी, 1 नियोक्ता और 1 मजदूरों का नुमाइंदा)।


Previous Story

मातृ दिवस

Next Story

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस

International Workers’ Day in Hindi

मजदूर दिवस को इन नामों से भी पुकारा जाता है-

  • श्रम दिवस
  • श्रमिक दिवस
  • मई दिवस
  • May Day ( मे डे)
  • Labour Day ( लेबर डे )
  • International Workers’ Day

मजदूर दिवस कब मनाया जाता है

<

विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस “1 मई” के दिन मनाया जाता है। किसी भी देश की तरक्की उस देश के किसानों तथा कामगारों (मजदूर / कारीगर) पर निर्भर होती है। एक मकान को खड़ा करने और सहारा देने के लिये जिस तरह मजबूत “नीव” की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, ठीक वैसे ही किसी समाज, देश, उद्योग, संस्था, व्यवसाय को खड़ा करने के लिये कामगारों (कर्मचारीयों) की विशेष भूमिका होती है।

💡 Labor Day को Peter McGuire, जोकि एक कारपेंटर और यूनियन लीडर थे का brainchild माना जाता है.

अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस / श्रमिक दिवस का इतिहास History of Majdoor Diwas in Hindi

मजदूर दिवस विश्व का एक प्रचलित उत्सव दिवस बताया जाता है। यह दिवस उन श्रमिक वर्ग को समर्पित है जो अपना खून-पसीना बहा कर अथक परिश्रम कर के विश्व के विभिन्न हिस्सों में दिन रात काम करके उस देश की प्रगति में अपना अमूल्य योगदान देते हैं। इतिहास के पन्ने पलटनें पर मजदूर दिवस मनानें की प्रथा शुरू होने का कारण जानने को मिलता है। जो कुछ इस प्रकार है-

अमरीका देश के शिकागो शहर में स्थित हेमार्केट की घटना

वर्ष 1886 में 4 मई के दिन शिकागो शहर के हेमार्केट चौक पर मजदूरों का जमावड़ा लगा हुआ था। मजदूरों नें उस समय आम हड़ताल की हुई थी। हड़ताल का मुख्य कारण मजदूरों से बेहिसाब काम कराना था। मजदूर चाहते थे कि उनसे दिन भर में आठ घंटे से अधिक काम न कराया जाए। मौके पर कोई अप्रिय घटना ना हो जाये इसलिये वहाँ पर स्थानीय पुलिस भी मौजूद थी। तभी अचानक किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भीड़ पर एक बम फेंका गया। इस घटना से वहाँ मौजूद शिकागो पुलिस नें मजदूरों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिये एक्शन लिया और भीड़ पर फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना में कुछ प्रदर्शनकारीयों की मौत हो गयी। मजदूर वर्ग की समस्या से जुड़ी इस घटना नें समग्र विश्व का ध्यान अपनी और खींचा था।

इसके बाद 1889 में अंतर्राष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन (the International Socialist Conference ) में ऐलान किया गया कि हेमार्केट नरसंघार में मारे गये निर्दोष लोगों की याद में 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाएगा और इस दिन सभी कामगारों व श्रमिकों का अवकाश रहेगा।

मजदूर दिवस मनाने का उद्देश

पूर्व काल में मजदूर एवं कामगार वर्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। मजदूरों को दिन में दस से पंद्रह घंटे काम कराया जाता था। कार्य स्थल इतने विषम और प्रतिकूल होते थे की वहाँ आये दिन काम पर मजदूरों की अकस्मात मृत्यु की घटनायेँ होती रहती थीं। इन्हीं परिस्थितियों के चलते अमरीका में कुछ मजदूर समस्या निवारण संघ और समाजवादी संघ द्वारा मजदूरों के कल्याण के लिये आवाज़ उठाई जाने लगी।

आगे चल कर वर्ष 1884 में शिकागो शहर के राष्ट्रीय सम्मेलन में मजदूर / कामगार वर्ग के लिये प्रति दिन 8 घंटे काम करने का वैधानिक समय सुनिश्चित कर दिया गया। यह एक ऐतिहासिक फ़ैसला था।

💡 भारत में मई दिवस पहली बार चेन्नई में सन 1923 में मनाया गया था।

कैसे मनाया जाता है मजदूर दिवस

मजदूर दिवस पर कई देशों में छुट्टी घोषित की जाती है। मजदूर वर्ग इस दिन पर बड़ी बड़ी रैलीयों का आयोजन करते हैं। मे दिन पर मजदूर वर्ग किसी खास जगह पर एकत्रित हो कर विशेष कार्यक्रमों के आयोजन भी करते हैं। अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक संगठन (ILO) द्वारा इस दिन पर सम्मेलन आयोजन किया जाता है। देश के मजदूर वर्ग की उन्नति और प्रगति के लिये कई बार इस दिवस पर सरकार द्वारा मजदूर वर्ग को विशेष सहाय और भेंट भी अर्पण की जाती है।

इस प्रकार की सहाय मुफ्त या कम दाम में राशन, कपड़े, सिक्षा, सस्ते ब्याज पर पक्के मकान के लोन, नौकरियाँ या फिर किसी अन्य स्वरूप में प्रदान की जाती है। मजदूर दिवस पर टीवी, अखबार, और रेडियो जैसे प्रसार माध्यम द्वारा मजदूर जागृति प्रोग्राम प्रसारित किये जाते हैं और बड़े-बड़े पोलिटिशन इस दिवस पर मजदूर वर्ग कल्याण के लिये कई महत्वपूर्ण घोषणायेँ भी करते हैं।

मौजूदा वक़्त में मजदूर दिवस का औचित्य

मजदूर दिवस की शुरुआत हुए सवा सौ साल से अधिक समय बीत चुका है। पहले की अपेक्षा ना अब उस तरह की दिक्कतें हैं और ना ही मजदूर दिवस मनाने के लिए बड़ी-बड़ी और सशक्त मजदूर यूनियन ही बची हैं। अब ज्यादातर जॉब्स भी blue collar से white collar में बदल चुकी हैं।

इसलिए कुछ लोगों का मत है कि अब इस पर्व का कोई महत्त्व नहीं है। लेकिन हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि अगर इस दिन की शुरुआत नहीं होती तो आज जिन अधिकारों का हम इतनी आसानी से इस्तेमाल करते हैं उनके बारे में सोच भी नहीं पाते और शायद आज भी कार्यालयों और फैक्ट्रियों में काम-काज की परिस्थितियां ठीक नहीं होतीं।

अगर मजदूर दिवस के दिन एक-जुट होकर वर्कर्स एकता नहीं दिखाते तो शायद आज भी हम हफ्ते के सातों दिन काम कर रहे होते और लाखों करोड़ों बच्चे भी बाल-श्रम का दंश झेल रहे होते, और गर्भवती महिलाएं भी अवकाश पाने के लिए संघर्ष कर रही होतीं।अतः हमें मजदूर दिवस के योगदान को भुलाना नहीं चाहिए और इस दिवस को हर्ष और उल्लास के साथ मनाना चाहिए।

क्या वाइट कॉलर वर्कर्स को मजदूर दिवस को एक नया रूप देना चाहिए?

आज की तेज दौड़ती ज़िन्दगी में इंसान ऑफिस छोड़ देता है लेकिन काम नहीं छोड़ पाता। लाखों लोग घर पर आकर भी लैपटॉप और कंप्यूटर पर घंटों काम करते हैं। तो एक तरह से आज के white collar workers ने कल के blue collar workers की जगह ले ली हैं। ऐसे में शायद इन वर्कर्स को अपनी हिस्से की ज़िन्दगी जीने के लिए समय माँगना चाहिए…आवाज़ उठानी चाहिए और मजदूर दिवस के दिन अपनी बातों को एक मंच प्रदान करना चाहिए।

विशेष

मजदूर वर्ग किसी भी समाज का अभिन्न और महत्वपूर्ण अंग होता है उन्हे सर्वथा सम्मान देना सभी का कर्तव्य है। अगर किसी जगह पर मजदूरों के साथ अन्याय हो रहा हों या उन पर अत्याचार हो रहा हों तो उस बात को सार्वजनिक करना और उस अनीति के खिलाफ आवाज़ उठाना प्रत्येक ज़िम्मेदार नागरिक का फर्ज़ है।

(Majdoor Diwas Shayari in Hindi)

मेहनत उसकी लाठी है

मजबूत उसकी काठी है

हर बाधा वो कर देता है दूर

दुनिया उसे कहती है मजदूर

१ मई – अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

धन्यवाद,

Team AKC

Read more about International Workers’ Day on Wikipedia (English)

Related:

Did you like the Majdoor Diwas Essay in Hindi? Please share your comments.

यदि आपके पास Hindi में कोई article, business idea, inspirational story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है:[email protected].पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!

Filed Under: Hindi Essay, हिंदी निबंध

Categories: 1

0 Replies to “Short Essay On Labour Day In Hindi”

Leave a comment

L'indirizzo email non verrà pubblicato. I campi obbligatori sono contrassegnati *